उम्मह लेख

बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार (संशोधन)
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बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार (संशोधन)

बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार: (१) بہیستی زیور (बहिश्ती जेवर) में इशा के बाद चार सुन्नतें लिख दी गई हैं, सही यह है कि दो सुन्नत हैं और दो नफ़्ल। (२) بہیستی زیور (बहिश्ती जेवर) में अय्याम-ए-बीज़ (चाँद की तारीखों के रोज़े) १२, १३, १४ तारीखों को लिख दिया गया है, सही १३, १...