इस बे-हइसी (उदासीनता) को छोड़कर घर से निकल के देख,
उनके तरीक़ (रास्ते) उनकी शरीअत पर चल के देख।
आ जाएँगी मदद को अबाबीलें आज भी,
सरकार के ग़ुलाम तू ख़ुद को बदल के देख!
इस बे-हइसी (उदासीनता) को छोड़कर घर से निकल के देख,
उनके तरीक़ (रास्ते) उनकी शरीअत पर चल के देख।
आ जाएँगी मदद को अबाबीलें आज भी,
सरकार के ग़ुलाम तू ख़ुद को बदल के देख!