अस्सलामू अलैकुम

इस्लामी इतिहास
किस्त (एपिसोड) नंबर 1...
Ummah Post
7 October, 2024

अस्सलामू अलैकुम

इस्लामी इतिहास

किस्त (एपिसोड) नंबर 1

अल्लाह तआला ने क़लम को पैदा किया

अल्लाह तआला हमेशा से है और हमेशा रहेगा। हर चीज़ को अल्लाह तआला ही ने पैदा किया है और एक दिन उसी के हुक्म से सारी कायनात (सृष्टि) ख़त्म हो जाएगी। क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हर चीज़ ख़त्म हो जाएगी और सिर्फ आपके इज़्ज़त व बुज़ुर्ग़ी (महिमा और सम्मान) वाले रब की ज़ात बाक़ी रहेगी। (सूरह अर-रहमान 26 से 27)। हज़रत उबादा बिन सामित रज़ियल्लाहु तआला अन्हु बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: "(इस दुनिया की तमाम चीज़ों में) सबसे पहले अल्लाह तआला ने क़लम को पैदा फ़रमाया और उसे लिखने का हुक्म दिया, उसने अर्ज़ किया: ऐ मेरे रब! मैं क्या लिखूँ? अल्लाह तआला ने उसे क़ियामत तक की पूरी कायनात की तक़दीर लिखने का हुक्म दिया।" (अबू दाऊद: 4700)। फिर उसने उस वक़्त से क़ियामत तक होने वाली तमाम चीज़ों को लिख दिया। एक दूसरी हदीस में रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: "अल्लाह तआला ने मख़्लूक़ (सृष्टि) की तक़दीर को ज़मीन व आसमान की पैदाइश से पचास हजार साल पहले लिखा है।" (मुस्लिम: 6748)। उस वक़्त से क़ियामत तक दुनिया में जो कुछ होता है या होगा, क़लम उन चीज़ों को अल्लाह के हुक्म से पहले ही लिख चुका है।

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सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान
लेख

सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान

नाम भी मुज़फ़्फ़र था और रहते भी मुज़फ़्फ़रनगर में थे... पूरा नाम था "नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान"। मुज़फ़्फ़रनगर हिंदुस्तान में एक ज़िला है, उन भले दिनों में यह नवाब साहब की जागीर थी। नवाब साहब को इमारतें बनवाने (تعمیرات) का शौक़ था। इसी शौक़ को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने एक बहुत बड़े बाग़ के बीचों...