"ज़िंदगी एक मिनट में नहीं बदलती, लेकिन कभी-कभी एक मिनट सोचकर...
Ummah Post
13 June, 2025

"ज़िंदगी एक मिनट में नहीं बदलती, लेकिन कभी-कभी एक मिनट सोचकर लिया गया फ़ैसला ज़िंदगी बदल देता है।"

Share this article
मदरसा के छात्रों की पाकीज़गी
लेख

मदरसा के छात्रों की पाकीज़गी

शेख़ुल क़ुरआन मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद ज़रवली ख़ान साहब (रह.) फ़रमाते थे: मदारिस (मदरसों) के तलबा (छात्र) बहुत पाक मख़्लूक़ (पवित्र जीव) हैं। एक दिन हमारे मदरसे में एक तालिब-ए-इल्म (छात्र) को शरारत पर मैंने सज़ा दी, तो कुछ देर बाद मेरे हाथ ने हरकत करना छोड़ दिया और वह मुर्दा (बेजान) हो गया। मैंने...