उम्मह लेख

जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक
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जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

एक औरत बड़ी तेज़ी से बस में सवार हुई और एक दूसरी औरत के बराबर वाली सीट पर जा बैठी। उसके पर्स ने साथ बैठी औरत को चोट पहुँचाई। वह औरत खामोश रही। उसे खामोश देखकर दूसरी औरत ने सवाल किया, "तुम मेरे पर्स से चोट लगने के बावजूद खामोश क्यों रहीं?" वह औरत मुस्कुराई और बोली: "एक मामूली सी चीज़ के लिए मुझे न...