यमन की राजधानी सना पर इजरायली हवाई हमले ने हूती नेतृत्व को करारा झटका दिया, जिसमें प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहवी और कई मंत्री मारे गए। हूती सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के प्रमुख महदी अल-मशट ने शनिवार को हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस हमले से फिलिस्तीन के साथ एकजुटता की उनकी प्रतिबद्धता कमजोर नहीं होगी। इजरायल ने इसे गाजा युद्ध के बाद हूतियों द्वारा किए जा रहे लगातार मिसाइल हमलों के जवाब में की गई एक "जटिल कार्रवाई" बताया। हमले का विवरण: 28 अगस्त, 2025 को इजरायली युद्धक विमानों ने सना में एक सैन्य परिसर को निशाना बनाया, जहां प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी, रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अतीफी और चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-घम्मारी सहित हूती नेतृत्व के सदस्य मौजूद थे। इजरायली सेना ने दावा किया कि यह हमला खुफिया जानकारी और हवाई श्रेष्ठता के कारण संभव हुआ, जो इजरायल पर हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में किया गया था। हमले के समय हौथी नेता अब्दुलमलेक अल-हौथी का भाषण टेलीविजन पर प्रसारित हो रहा था, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। हौथी मीडिया ने पुष्टि की कि हमले में ईंधन गोदामों और बिजली संयंत्रों सहित कई गैर-सैन्य प्रतिष्ठान शामिल थे। इस हमले में छह लोग मारे गए और 67 घायल हो गए। महदी अल-मशट ने कहा, "हम गाजा के उत्पीड़ित लोगों के साथ खड़े हैं और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत मोहम्मद मिफ्ताह को नए प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया। हौथी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले को "गैर-सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ आक्रामकता" बताया और इस पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। संघर्ष की पृष्ठभूमि: अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से, हौथियों ने लाल सागर में इजरायली और सहयोगी जहाजों पर हमले किए हैं, जिसे वे फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन बताते हैं। उन्होंने इजरायल पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए हैं, जिनमें से अधिकांश को नाकाम कर दिया गया है। इजरायल ने दिसंबर 2024 और मई 2025 में सना हवाई अड्डे, होदेइदा बंदरगाह और अन्य सुविधाओं पर हमला करके जवाब दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा: "जो कोई भी इजरायल को नुकसान पहुंचाएगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।" उन्होंने हौथियों को ईरान की "बुराई की धुरी" का हिस्सा बताया। दूसरी ओर, हौथी प्रवक्ता एस्साम अल-मुतावक्किल ने सना हमले को "इजरायली कायरता" का परिणाम बताया और कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। वैश्विक प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमलों को "खतरनाक" बताया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस, जो दिसंबर 2024 में सना हवाई अड्डे पर हुए हमले के समय मौजूद थे, ने नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। सऊदी अरब ने यमन में शांति वार्ता के लिए अपना समर्थन दोहराया, लेकिन हौथी हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया। "हमारा संकल्प फिलिस्तीन के साथ है, और कोई भी हमला हमें इस रास्ते से विचलित नहीं कर सकता।" - महदी अल-मशट संदर्भ: यूरोन्यूज, बीबीसी पर्शियन, डॉयचे वेले, دیدانت24, जियो न्यूज उर्दू, एक्स-पोस्ट
सना पर इजरायली हमले में यमन के हाउथी प्रधानमंत्री की मौत हो गई, कई मंत्री भी मारे गए।
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