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अमेरिकी अपील अदालत का फैसला: ट्रंप के कर अवैध, सुप्रीम कोर्ट में अपील की घोषणा

अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफों की श्रृंखला को अवैध घोषित कर दिया है, जो उनकी आर्थिक नीति के लिए एक बड़ा झटका है। ट्रम्प ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है और घोषणा की है कि वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे, जिसे वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताते हैं। इस फैसले का वैश्विक व्यापार और भारत सहित अन्य देशों के साथ संबंधों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। फैसले का विवरण: 29 अगस्त, 2025 को, संघीय सर्किट अपील न्यायालय ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रम्प ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का दुरुपयोग करके अपनी संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन किया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि आपात स्थिति में राष्ट्रपति के पास व्यापक शक्तियां होती हैं, लेकिन उनमें टैरिफ लगाना शामिल नहीं है। यह फैसला अप्रैल में लागू किए गए पारस्परिक टैरिफ और फरवरी में चीन, कनाडा और मैक्सिको पर लगाए गए टैरिफ पर लागू होता है, जबकि स्टील और एल्यूमीनियम टैरिफ को छूट दी गई है। अदालत ने टैरिफ को 14 अक्टूबर तक प्रभावी रहने दिया ताकि ट्रम्प प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर सके। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया। जवाब में उन्होंने कहा, “यह फैसला पक्षपातपूर्ण और गलत है। अमेरिकी उद्योगों, किसानों और श्रमिकों की रक्षा के लिए टैरिफ आवश्यक हैं। सुप्रीम कोर्ट इसे सुधारेगा और अमेरिका की जीत होगी।” विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीति को कमजोर कर सकता है, जिसमें टैरिफ को एक प्रमुख विदेश नीति उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसने यूरोपीय संघ, भारत और अन्य साझेदारों के साथ समझौतों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रूस से तेल खरीदने पर जुर्माने के तौर पर भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। इस फैसले के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में एशियाई और यूरोपीय शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि अमेरिकी डॉलर का मूल्य भी बढ़ा। हालांकि, अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के पक्ष में फैसला नहीं सुनाता है, तो इन टैरिफ से जमा किए गए अरबों डॉलर का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा। “टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और हम इन्हें हर कीमत पर लागू रखेंगे।” — डोनाल्ड ट्रंप। संदर्भ: द हिंदू, एक्सप्रेस उर्दू, सच टीवी, डॉन न्यूज, अमित न्यूज, एक्स पोस्ट