14 जून, 2025, अहमदाबाद: अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से पूरे देश में सदमा फैल गया है। बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दुर्घटनाग्रस्त हुए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जबकि जमीन पर कई और लोगों की जान चली गई, जिससे मृतकों की कुल संख्या 270 हो गई। ब्रिटिश मूल का एक भारतीय यात्री एकमात्र जीवित बचा है। जांच में तेजी: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दुर्घटना के 28 घंटे बाद विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जो दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) सहित आठ एजेंसियां जांच कर रही हैं। गृह सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति 3 महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। डीएनए परीक्षण के माध्यम से 252 परिवारों के डीएनए नमूने एकत्र किए जा चुके हैं, केवल 13 यात्रियों के नमूने शेष हैं। बचाव अभियान जारी है। बीजे मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धौल गेमाटी के अनुसार, अब तक 270 शव सिविल अस्पताल लाए जा चुके हैं। महगानी नगर में बचाव और राहत कार्य जारी है। अहमदाबाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं पिछले 24 घंटों से बचाव कार्य में लगी हुई हैं। कुछ ही घंटों में शव और मानव अंग बरामद कर लिए गए हैं। बोइंग 787 जांच: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के सभी बोइंग 787-8/9 विमानों की विशेष सुरक्षा जांच का आदेश दिया है, जो रविवार से शुरू होगी। ईंधन, इंजन और हाइड्रोलिक सिस्टम की विशेष निगरानी की जाएगी और मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। यह भारत की सबसे भीषण हवाई दुर्घटनाओं में से एक है। जांच से सच्चाई सामने आने और पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद है।