यह जिंदगी है...!!!
एक इम्तिहान मुसलसल (निरंतर)...!!!
कभी ब...
Ummah Post

यह जिंदगी है...!!!

एक इम्तिहान मुसलसल (निरंतर)...!!!

कभी बेतहाशा खुशियां,

कभी ग़म की शब (रात) मुसलसल...!!!

कभी साथ हो सभी का,

कभी हो जाएं अकेले...

कभी हो उदासी पल-पल,

कभी क़हक़हे मुसलसल...!!!

कभी साथ दोस्तों का,

कभी महफिलों में रौनक...

कभी भीड़ में भी तन्हा,

कभी खामोशी मुसलसल...!!!

कभी अपनों से लड़ाई,

कभी हो जाए जुदाई...

कभी बात भी न करना,

कभी गुफ़्तगू (बातचीत) मुसलसल...!!!

कभी रब को याद करना,

तस्बीह नमाज़ पल-पल...!!!

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आपका मकाम और अल्लाह की मर्जी
लेख

आपका मकाम और अल्लाह की मर्जी

किसी बुजुर्ग ने क्या ही खूब फरमाया है: अगर तुम यह जानना चाहते हो कि अल्लाह के नजदीक तुम्हारा मकाम क्या है, तो देखो वह तुम्हें किस काम में व्यस्त (मशगूल) रखता है: अगर वह तुम्हें अपने ज़िक्र में व्यस्त रखे, तो जान लो कि वह तुम्हें याद रखना चाहता है। अगर तुम्हें कुरान में व्यस्त करे, तो सम...