"कर सकूँ कैसे भला मिदहत-ए-मम्दूह-ए-ख़ुदा (जिसकी तारीफ़ अल्ला...
Ummah Post
2 May, 2025

"कर सकूँ कैसे भला मिदहत-ए-मम्दूह-ए-ख़ुदा (जिसकी तारीफ़ अल्लाह ने की हो),

मैं तो बस उनके (ﷺ) सनाख़्वानों (प्रशंसकों) में शुमार चाहता हूँ।

जान वार कर भी न हो सके हक़ अदा उनके इक आँसू का,

मैं तो ग़ुलामों की फेहरिस्त (सूची) में नाम चाहता हूँ।

ﷺﷺﷺﷺ"

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एक अरब डॉक्टर और धार्मिक विद्वान की छात्र को महत्वपूर्ण नसीहत
लेख

एक अरब डॉक्टर और धार्मिक विद्वान की छात्र को महत्वपूर्ण नसीहत

सवाल किया गया: शुरुआती छात्र के लिए कोई संक्षिप्त नसीहत? मैंने बार-बार नसीहत की है, मगर जानता हूँ कि हर नसीहत का पहला मुखातिब (संबोधित) खुद मेरा दिल है। लेकिन शायद दोहराने में हिकमत (बुद्धिमानी) हो और फायदा पहुँचे: जान लो, ऐ मेरे प्यारे बेटे, वह ज़माना गुज़र चुका, जब इल्म-ए-रिवायत व दिरायत (पारंपरिक...