"और जब बात कुरआन करीम तक पहुँच जाए ----- इलख (इत्यादि)।
अहम...
Ummah Post
29 April, 2025

"और जब बात कुरआन करीम तक पहुँच जाए ----- इलख (इत्यादि)।

अहम नसीहत (महत्वपूर्ण सलाह) 👍🏻"

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रोले अब दिल खोल कर :
लेख

रोले अब दिल खोल कर :

आह! कोई नहीं, सब गुमराह हो गए; सब निकम्मे निकले, सब गाफ़िल (लापरवाह) हो गए, सब पर मौत की नींद छा गई; सब ने एक ही तरह की हलाकत (विनाश) का घूंट पी लिया, सब एक ही तरह की तबाही पर टूट पड़े; सब ने ख़ुदा को छोड़ दिया, सब ने उसकी मोहब्बत से मुंह मोड़ लिया, सब ने उसके पवित्र रिश्ते को बट्टा लगा दिया (कलंकित...