"शाम होते ही सूरज से हुकूमत छीन लेता है,
सुबह उठते ही तारों से क़यादत (नेतृत्व) छीन लेता है।
और अकड़ के न चल ऐ इंसान,
तकब्बुर (घमंड) करने वालों से अल्लाह इज़्ज़त छीन लेता है।"
"शाम होते ही सूरज से हुकूमत छीन लेता है,
सुबह उठते ही तारों से क़यादत (नेतृत्व) छीन लेता है।
और अकड़ के न चल ऐ इंसान,
तकब्बुर (घमंड) करने वालों से अल्लाह इज़्ज़त छीन लेता है।"