*┄┅═❁ उर्दू अदब (साहित्य) ❁═┅┄*

*╔══•ೋೋ•══╗*
*🪴 कभी बेट...
Ummah Post
24 April, 2025

*┄┅═❁ उर्दू अदब (साहित्य) ❁═┅┄*

*╔══•ೋೋ•══╗*

*🪴 कभी बेटी کو ज़िम्मेदारी नहीं,*

*रब की तरफ़ से "अमानत" समझो...!*

*🍃 कभी बहन को बोझ नहीं,*

*"दुआओं की ढाल" समझो...!*

*☘️ कभी माँ को बुढ़ापे में बोझ नहीं,*

*"जन्नत की चाबी" समझो...!*

*🌿 कभी बीवी को पाबंदी नहीं,*

*"सुकून-ए-दिल" (दिल का सुकुन) समझो...!*

*╚══•ೋೋ•══╝*

*┅┈•※ ͜✤☆उर्दू अदब☆✤͜※┅┄*

Share this article
दिल का सदक़ा: एक गरीब महिला की खूबसूरत सीख
लेख

दिल का सदक़ा: एक गरीब महिला की खूबसूरत सीख

एक गरीब औरत ने बड़ी इज़्ज़त के साथ आवाज़ दी, "आ जाइए मैडम, आप यहाँ बैठ जाएँ," कहते हुए उसने अपनी सीट पर एक उस्तानी (शिक्षिका) को बिठा दिया और खुद बस में खड़ी हो गई। मैडम ने, "बहुत-बहुत शुक्रिया, मेरी तो बुरी हालत थी, सच में," कहते हुए दुआएँ दीं। उस गरीब औरत के चेहरे पर एक खुशनुमा मुस्कान फैल गई।...