"खुशखबरी है उस व्यक्ति के लिए, जिसने अपनी क़ब्र में दाखिल हो...
Ummah Post
20 April, 2025

"खुशखबरी है उस व्यक्ति के लिए, जिसने अपनी क़ब्र में दाखिल होने से पहले ही उसकी रोशनी का इंतज़ाम कर लिया; जिसने अपने परवरदिगार (ईश्वर) से मुलाक़ात से पहले ही उसे राज़ी कर लिया; और जिसने नमाज़ पढ़ी, इससे पहले कि उस पर नमाज़ (जनाज़े की नमाज़) पढ़ी जाए!"

— इमाम इब्न अल-जौज़ी (रहमतुल्लाही अलैहि)

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हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक
लेख

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रमाया: "आप ﷺ ख़ंदा-रू (हँसमुख), ख़ुश-अख़लाक़ (अच्छे आचरण वाले) और नर्म-ख़ू (नर्म स्वभाव के) थे। बद-अख़लाक़ी, सख़्त-मिज़ाजी...