इमाम अबू दाऊद (रहमतुल्लाह अलैह) से पूछा गया: "जब फ़ितने बढ़ जाएं और अहल-ए-बिदअत (नवाचार करने वाले) की कसरत हो जाए, तो आप अपने बाद किसके पास बैठने का हुक्म देंगे?"
फ़रमाया: "किताबें।" 🖤
(अल-फ़वाइद अल-मुंतख़बा लि इब्न बशकुवाल 1/413)
इमाम अबू दाऊद (रहमतुल्लाह अलैह) से पूछा गया: "जब फ़ितने बढ़ जाएं और अहल-ए-बिदअत (नवाचार करने वाले) की कसरत हो जाए, तो आप अपने बाद किसके पास बैठने का हुक्म देंगे?"
फ़रमाया: "किताबें।" 🖤
(अल-फ़वाइद अल-मुंतख़बा लि इब्न बशकुवाल 1/413)