एक मिनट से भी ज़्यादा का वक़्त नहीं लगेगा कि हम "हैं" से "थे...
Ummah Post
2 April, 2025

एक मिनट से भी ज़्यादा का वक़्त नहीं लगेगा कि हम "हैं" से "थे" हो जाएंगे, और वक़्त की रेत से फिसल कर हम भी रुख़्सत (विदा) हो जाएंगे; बस हम भुला दिए जाएंगे चाहे हमारी जितनी भी अहमियत हो।

ज़िंदगी एक सफ़र है मंज़िल नहीं। 💞

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हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) की रुस्तम से ईमान अफ़रोज़ गुफ़्तगू 🔸
लेख

हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) की रुस्तम से ईमान अफ़रोज़ गुफ़्तगू 🔸

हज़रत खालिद बिन वलीद (रज़ि.) की इमारत व सरकर्दगी में एक लश्कर ईरानियों से मुक़ाबले के लिए गया, ईरानी लश्कर का सिपहसालार मशहूर ज़माना पहलवान और बहादुर ''रुस्तम'' था। हज़रत खालिद बिन वलीद (रज़ि.) ने रुस्तम की दरख्वास्त पर हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) को उससे बातचीत के लिए भेजा। ईरानियों ने रुस्तम का द...