"नसरुम मिनल्लाही व फ़त्हुन क़रीब, व बश्शिरिल मुअमिनीन"
तुम्हें अल्लाह की तरफ़ से मदद नसीब होगी, और फ़तह (विजय) अनक़रीब (निकट) होगी; और मोमिनों को इसकी ख़ुशख़बरी सुना दो।
(सूरह अस-सफ़, आयत 13)
"नसरुम मिनल्लाही व फ़त्हुन क़रीब, व बश्शिरिल मुअमिनीन"
तुम्हें अल्लाह की तरफ़ से मदद नसीब होगी, और फ़तह (विजय) अनक़रीब (निकट) होगी; और मोमिनों को इसकी ख़ुशख़बरी सुना दो।
(सूरह अस-सफ़, आयत 13)