कुंवारे शादी के ख्यालों में हैं, 
शादीशुदा तलाक के चक्कर मे...
Ummah Post

कुंवारे शादी के ख्यालों में हैं,

शादीशुदा तलाक के चक्कर में...

बच्चों को बड़े होने की जल्दी है,

बड़ों को बचपन दोबारा लौटने की आरज़ू...

नौकरी करने वाले अपने काम की सख्तियों से नालां (परेशान) हैं, बेरोजगारों के लबों पर काम मिलने की दुआएं...

गरीबों को अमीरों की जिंदगी की हसरत है,

अमीरों को एक लम्हा आराम की तमन्ना...

मशहूर शख्सियतें छिपने के ठिकानों की तलाश में हैं,

आम लोग मशहूर होने के ख्वाहिशमंद।

अजीब दुनिया के बासी हैं हम... हमें यह जानना चाहिए कि खुशहाली का वाहिद (एकमात्र) फार्मूला यह है कि जो नेमतें रब की तरफ से हमें मिली हैं हम बस उनकी कद्र करें।

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उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं
लेख

उलेमा (विद्वान) ही औलिया (अल्लाह के मित्र) हैं

यह्या बिन यह्या बयान करते हैं: जब इमाम मालिक (रहमतुल्लाह अलैह) की मृत्यु-शय्या की बीमारी लंबी हो गई और अंतिम समय करीब आ गया, तो मदीना मुनव्वरा और अन्य शहरों से सभी उलेमा (विद्वान) और फुकहा (न्यायविद) इमाम साहब के घर पर जमा हो गए ताकि वे समय के इमाम से आखिरी मुलाकात का लाभ उठा सकें और उनकी वसीयतों (उ...