अरबी का एक मक़ूला (कहावत) है कि: 
"औरत अगर पहाड़ तोड़ कर दू...
Ummah Post
2 April, 2025

अरबी का एक मक़ूला (कहावत) है कि:

"औरत अगर पहाड़ तोड़ कर दूसरी जगह मुंतक़िल (स्थानांतरित) कर दे और उसे फ़क़त (सर्फ़) इतना कह दिया जाए कि 'तुम्हारे हाथ सलामत रहें' तो उसकी थकावट ख़त्म हो जाती है।"

┄┅═❁ उर्दू अदब ❁═┅┄

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मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)
लेख

मक्खी की पैदाइश के पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता)

खुरासान का बादशाह शिकार खेलकर वापस आने के बाद तख्त पर बैठा था, थकावट की वजह से उसकी आँखें बोझिल हो रही थीं। बादशाह के पास एक गुलाम हाथ बांधे अदब के साथ खड़ा था। बादशाह को सख्त नींद आई हुई थी, मगर जब भी उसकी आँखें बंद होतीं, तो एक मक्खी आकर उसकी नाक पर बैठ जाती थी। नींद और बे-खयाली (अचेतन अवस्था) की...