मौलाना अनस साहब,
अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातूह।
आपकी ऐप से काफ़ी फ़ायदा हो रहा है; अल्लाह इसे नज़र-ए-बद से बचाए। अपडेट का यह सफ़र जारी रखें। मजामीन (लेख) लिखने की जो गुंजाइश आपने दी है, वह भी क़ाबिल-ए-क़द्र (प्रशंसनीय) है। बहुत से लोग जिन्हें मंच नहीं मिलता, वे यहाँ अपनी क़लम आज़मा सकते हैं।