मौलाना अनस साहब,
अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातूह।...
Ummah Post
25 March, 2025

मौलाना अनस साहब,

अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातूह।

आपकी ऐप से काफ़ी फ़ायदा हो रहा है; अल्लाह इसे नज़र-ए-बद से बचाए। अपडेट का यह सफ़र जारी रखें। मजामीन (लेख) लिखने की जो गुंजाइश आपने दी है, वह भी क़ाबिल-ए-क़द्र (प्रशंसनीय) है। बहुत से लोग जिन्हें मंच नहीं मिलता, वे यहाँ अपनी क़लम आज़मा सकते हैं।

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इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़
लेख

इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

असली नाम अम्र बिन महबूब था, 160 हिजरी में पैदा हुए और 'जाहिज़' के लक़ब (उपाधि) से मशहूर हुए। अरबी में जाहिज़ उसे कहते हैं जिसकी आँखों के ढेले (पुतलियाँ) बाहर की ओर उभरे हुए हों। शुरुआत में वे इस लक़ब को नापसंद करते थे, लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता (धीरे-धीरे) ख़ामोश हो गए। शायद ही किसी के रूप-रंग का इस तर...