*حیرت انگیز تصویر !* (हैरतअंगेज़ तस्वीर!)

*पहली नज़र में,...
Ummah Post
19 March, 2025

*حیرت انگیز تصویر !* (हैरतअंगेज़ तस्वीर!)

*पहली नज़र में, ऐसा लगता है कि.... कोई पानी में बैठा पढ़ रहा है, लेकिन जब आप ज़ूम इन करते हैं, तो आपको एहसास होता है कि.... यहाँ कोई शख़्स है न कोई किताब न कोई मुताला (अध्ययन) —सिर्फ़ एक वहम (भ्रम) है.....*

*ज़िंदगी भी इसी तरह है; यह बज़ाहिर (स्पष्ट रूप से) कुछ नज़र आती है, लेकिन ज़ेर-ए-सतह (सतह के नीचे) यह बिल्कुल मुख़्तलिफ़ (अलग) होती है.....*

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माल्टा के घाव: हज़रत शैखुल हिंद की महान क़ुर्बानियां और अटूट ईमान
लेख

माल्टा के घाव: हज़रत शैखुल हिंद की महान क़ुर्बानियां और अटूट ईमान

हज़रत शैखुल हिंद को दीन (धर्म) के लिए बड़ी क़ुर्बानियां देनी पड़ीं। उनके हालात-ए-ज़िंदगी (जीवनी) में लिखा है कि जब उनका देहांत हकीम मोहम्मद अजमल की कोठी पर हुआ, तो ग़ुस्ल (अंतिम स्नान) देने वाले ने देखा कि उनकी पीठ पर ज़ख़्मों के बड़े-बड़े निशान हैं। उसने रिश्तेदारों से पूछा, उन्होंने घर वालों से पू...