"फटे हुए बोरे में कितना 'खूबसूरत सेब' है! ऐसे ही कुछ लोगों के फटे-पुराने कपड़ों में 'खूबसूरत दिल' होते हैं। लोगों का चुनाव करते समय किसी के कपड़े और जूते न देखें बल्कि दिल देखें।"
❶. अज़ीम मुहद्दिस और उस्ताद-उत-तबीर इमाम मुहम्मद बिन सीरीन ؒ पर वफात के वक्त गिरिया तारी था और फरमा रहे थे कि "मुझे गुज़िश्ता ज़िंदगी की कोताहियाँ और जन्नत में जाने वाले आमाल में कमी और जहन्नुम से बचाने वाले आमाल की किल्लत पर रोना आ रहा है"। (किताब अल-आकिबते / 69)
❷. मशहूर फकीह और मुहद्दिस इब्राह...