चले जाते हैं बच्चे अपने-अपने मसले (परेशानियाँ) कह कर,
उन्हे...
Ummah Post
1 March, 2025

चले जाते हैं बच्चे अपने-अपने मसले (परेशानियाँ) कह कर,

उन्हें क्या? रात जाने, नींद जाने, बाप जाने😔

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हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ
लेख

हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ

हज़रत बिलाल (रज़ि.) से एक बार किसी ने पूछा कि "आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ को कैसे देखा?" हज़रत बिलाल (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि "मैं मक्के के लोगों को बहुत ही कम जानता था। क्योंकि मैं एक ग़ुलाम था और अरब में ग़ुलामों के साथ अमानवीय (ज़ुल्म भरा) सुलूक आम था। उनकी हैसियत से बढ़कर उनसे काम लिया जाता थ...