✍🏻"गुनाहों की वजह से पैदा होने वाली नहूसतें (दुर्भाग्य/अशुभ...
Ummah Post
29 November, 2024

✍🏻"गुनाहों की वजह से पैदा होने वाली नहूसतें (दुर्भाग्य/अशुभ प्रभाव) तावीज़ और अमलियात (टोटकों) से ख़त्म नहीं की जा सकतीं, बल्कि उनके ख़ात्मे के लिए तौबा (क्षमा) और तक़्वा (परहेज़गारी) इख़्तियार करना ज़रूरी है।"✅✅💯💯

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हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक
लेख

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रमाया: "आप ﷺ ख़ंदा-रू (हँसमुख), ख़ुश-अख़लाक़ (अच्छे आचरण वाले) और नर्म-ख़ू (नर्म स्वभाव के) थे। बद-अख़लाक़ी, सख़्त-मिज़ाजी...