महिलाओं के बारे में वे पाँच बातें जो पुरुषों को अक्सर याद रह...
Ummah Post
22 March, 2024

महिलाओं के बारे में वे पाँच बातें जो पुरुषों को अक्सर याद रहती हैं:

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إِنَّ كَيْدَ كُنَّ عَظِيمٌ (सूरा यूसुफ़, आयत: 28)

अनुवाद: बेशक, औरतों की चाल (साज़िश) बहुत ख़तरनाक होती है।

مَثْنٰى وَثُلٰثَ وَرُبٰع (सूरा अन-निसा, आयत: 3)

अनुवाद: दो-दो, तीन-तीन, चार-चार औरतों से निकाह (विवाह) करो।

الرِّجَالُ قَوَّامُونَ عَلَى النِّسَاءِ (सूरा अन-निसा, आयत: 34)

अनुवाद: मर्द, औरतों के संरक्षक (निगरान) हैं।

لِلذَّكَرِ مِثْلُ حَظِّ الْأُنْثَيَيْنِ (सूरा अन-निसा, आयत: 11)

अनुवाद: (विरासत/उत्तराधिकार में) मर्द के लिए दो औरतों के बराबर हिस्सा है।

نَاقِصَاتُ عَقْلٍ وَدِينِ (सहीह इब्न हिब्बान, हदीस नंबर: 3323, इसनाद सहीह)

अनुवाद: औरतें अक़्ल और दीन (धर्म) के मामले में नाक़िस (कमतर/अपूर्ण) होती हैं।

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महिलाओं के बारे में वे पाँच बातें जो पुरुषों को अक्सर याद नहीं रहतीं:

وَعَاشِرُوهُنَّ بِالْمَعْرُوفِ (सूरा अन-निसा, आयत: 19)

अनुवाद: औरतों के साथ भलाई और अच्छे तरीक़े से ज़िंदगी बसर करो।

لِيُنفِقُ ذُو سَعَةٍ مِّنْ سَعَتِهِ (सूरा अत-तलाक़, आयत: 7)

अनुवाद: हैसियत (कशादगी) वाला अपनी हैसियत के मुताबिक़ ख़र्च करे।

اسْتَوصُوا بِالنِّسَاءِ خَيْرًا (सुनन इब्न माजाह, हदीस नंबर: 1851, सहीह लि-ग़ैरिही)

अनुवाद: औरतों के साथ अच्छा बर्ताव (हुस्न-ए-सुलूक) करने के बारे में तुम वसीयत (सलाह) स्वीकार करो।

رِفْقًا بِالْقَوَارِيرِ (मुस्नद अल-हुमैदी, हदीस नंबर: 1209, इसनाद हसन)

अनुवाद: (औरतें काँच के बर्तनों की तरह हैं) इन काँच के बर्तनों के साथ नरमी से पेश आओ।

خَيْرُكُمْ خَيْرُكُمْ لَأَهْلِهِ (इब्न माजाह, 1977, सहीह लि-ग़ैरिही)

अनुवाद: तुममें से बेहतरीन व्यक्ति वह है जो अपने अहल-ओ-अयाल (परिवार) के लिए बेहतरीन हो।

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