जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत

*ग़ैर-महराम से कभी हंस...
Ummah Post
27 November, 2024

जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत

*ग़ैर-महराम से कभी हंस कर बात न करो*

*हमेशा अपना रवैया सख़्त (मज़बूत) रखो*

*तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (तबाही) है*

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एक बोर्ड और दो वाक्य:
लेख

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी वहाँ से गुज़र रहा था। उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और टोपी में डाल दिए। अचानक उसकी नज़र बोर्ड पर पड़ी। उसने बोर्ड...