तमाम हम्द-ओ-सना उस अल्लाह पाक के लिए है जिसकी रहमत से ना-उम्...
Ummah Post
26 November, 2024

तमाम हम्द-ओ-सना उस अल्लाह पाक के लिए है जिसकी रहमत से ना-उम्मीदी नहीं, जिसकी नेमतों से किसी का दामन खाली नहीं, उसकी मग्फिरत (क्षमा) से मायूसी नहीं, और उसकी रहमतों का फैज़ान कभी रुकता नहीं, अल्लाह पाक आपका दामन खुशियों से भर दे.. आमीन सुम्मा आमीन..

अल्लाहुम्मा सल्लि अला सय्यिदिना मुहम्मदिन व अला आलि सय्यिदिना मुहम्मदिन व बारिक व सल्लिम।

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अपनी ज़िंदगी का जायज़ा
लेख

अपनी ज़िंदगी का जायज़ा

दुनिया में जो भी आया, कूच करने को आया। दफ़्न ख़ुद सैंकड़ों किए ज़ेर-ए-ज़मीन। फिर भी मरने का नहीं हक़-उल-यक़ीन। तुझसे बढ़कर कोई ग़ाफ़िल नहीं। कुछ तो इब्रत चाहिए ऐ नफ़्से लईन। ८. जब तुझे वह हादसा मौत का पेश आएगा जिसको कोई नहीं टाल सकता, तो माल-ओ-दौलत और नौकर-ओ-ख़ादिम तेरे कुछ भी काम न आएँगे।...