✍🏻 *अक्सर लोग कहते हैं कि हमसे गलत बात बर्दाश्त नहीं होती,...
Ummah Post
23 November, 2024

✍🏻 *अक्सर लोग कहते हैं कि हमसे गलत बात बर्दाश्त नहीं होती, हालांकि गलत बात बर्दाश्त करना ही तो सब्र है। सही बात बर्दाश्त नहीं की जाती बल्कि तस्लीम (स्वीकार) की जाती है।* ☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻

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अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन
लेख

अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन

शायर-ए-मशरिक़ (पूर्व के कवि) अल्लामा मोहम्मद इकबाल ने सुन्नत-ए-रसूल (पैगंबर की परंपरा) के पालन को अपना शियोवा-ए-हयात (जीवन का तरीका) बना लिया था। "जौहर-ए-इक़बाल" में एक अजीब और बसीरत अफ़रोज़ (ज्ञानवर्धक) घटना का वर्णन किया गया है, जिससे अल्लामा इकबाल के जज़्बा-ए-शौक़ और इतात-ए-रसूल (रसूल के प्रति प्...