*एक बीज बिना किसी आवाज़ के बाहर निकलता है,*
*लेकिन एक पेड़...
Ummah Post
23 November, 2024

*एक बीज बिना किसी आवाज़ के बाहर निकलता है,*

*लेकिन एक पेड़ ज़बरदस्त आवाज़ के साथ ज़मीन पर गिरता है*

*तबाही आवाज़ रखती है और रचना (تخلیق) खामोशी,*

*यह खामोशी की ताकत है, खामोशी से जिएं।*

Share this article
इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)
लेख

इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)

जब हज़रत अबू ज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) को कहा... "ऐ काली-कलूटी माँ के बेटे! अब तू भी मेरी ग़लतियाँ निकालेगा...?" बिलाल यह सुनकर ग़ुस्से और अफ़सोस से बेक़रार होकर यह कहते हुए उठे, "ख़ुदा की क़सम! मैं इसे ज़रूर ब-ज़रूर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के...