जब अल्लाह की मर्जी के बिना इस कायनात का एक पत्ता भी नहीं हिल सकता... 🌸🥀
तो फिर तुम्हारा अल्लाह से बार-बार रुजू करना (उसकी तरफ रुख करना), उससे मांगना बेवजह नहीं है... 🌒🦋
जो तुम्हारे हाथों में इतनी जान डाल देता है कि वो दुआ के लिए उठ सकें, वो फिर इन उठे हाथों की लाज भी रखता है। 😌
*حَسْبِیَ اﷲُ لَآ اِلٰہَ الَّا ھُوَ عَلَیہِ تَوَکَّلْت ُ وَھُوَ رَبُّ الْعَرْشِ العَظِیْمِ۔* 🪐
"मुझे अल्लाह ही काफी है। उसके सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, मैंने उसी पर भरोसा किया और वही अर्श-ए-अज़ीम (महान सिंहासन) का मालिक है।" 🌻