*पति-पत्नी के बीच अच्छे दाम्पत्य जीवन (हसन-ए-मुआशरत) में चार बातें शामिल हैं:*
१) हुस्न अल-ख़िताब:
*अच्छी और भद्र भाषा में बात करना।*
२) हुस्न अल-मज़हर:
*बाहरी साफ़-सफ़ाई और सजने-संवरने का ध्यान रखना।*
३) अल-अफ़्व अन इल-ज़ल्लात:
*ग़लतियों को माफ़ करना और दरगुज़र करना।*
४) अल-लीन फ़िल-मुआमलाह:
*आपसी व्यवहार और मामलों में नरमी बरतना।*
*अल्लाह तआला अमल करने की तौफ़ीक़ (क्षमता) दे।*
(वसाया लिल-अरूसैन लिश-शैरव अब्दुल्लाह अज़-ज़ाहिम: १४)