ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।
हमेशा अपना रवैया सख्त रखो...
Ummah Post
20 November, 2024

ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।

हमेशा अपना रवैया सख्त रखो।

तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (शंकाएं/बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (विनाश) है। •🍂

*जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत है।*

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राजा और फ़कीर: एक शिक्षाप्रद घटना
लेख

राजा और फ़कीर: एक शिक्षाप्रद घटना

यह उस ज़माने की बात है जब दुनिया में बादशाहतें (राजशाही) क़ायम थीं और कई-कई मील पर फैली हुई रियासतों पर विभिन्न ख़ानदानों की हुकूमत हुआ करती थी। इसी दौर के एक बादशाह पर क़ुदरत मेहरबान हुई और उसके एक अक्लमंद वज़ीर और बहादुर सिपाहसालार की बदौलत उसकी सल्तनत वसीअ (विशाल) होती चली गई। इस बादशाह के पड़ोसी...