*आज की खयानत (धोखेबाज़ी) और उसकी सूरतें (रूप):*

१- कॉल्स...
Ummah Post
17 November, 2024

*आज की खयानत (धोखेबाज़ी) और उसकी सूरतें (रूप):*

१- कॉल्स को रिकॉर्ड करना... खयानत।

२- लोगों की तस्वीरें बगैर उनकी इजाज़त के बनाना... खयानत।

३- स्पीकर को बगैर बताए खोलना (ऑन करना)... खयानत।

४- बच्चों से बातचीत में धोखे से मालूमात (जानकारी) हासिल करना... खयानत।

५- लोगों की राज़दारियों (निजी बातों) का पीछा करना... खयानत।

६- राज़ों को अफ़शा (उजागर) करना... खयानत।

७- राज़ों से ब्लैकमेल करना... खयानत।

हसन बसरी रहिमहुल्लाह ने फ़रमाया: "तुम हमें अमानतदारी के साथ मजलिस (सभा) में बैठते देखते हो, जैसे कि तुम यह समझते हो कि खयानत सिर्फ दीनार और दिरहम तक सीमित है,

लेकिन सबसे बड़ी खयानत यह है कि कोई शख्स हमारे साथ बैठे, हम उस पर एतमाद (भरोसा) करें, और फिर वह हमारी बातों को फैलाए।

मजालिस के राज़ों और अमानतों की हिफ़ाज़त करो, वरना मजालिस (बैठकें) खत्म हो जाएंगी।"

*अल्लाह हमें और आपको अमानतदारी की हिफ़ाज़त करने वालों में शामिल फ़रमाए।*

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इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां
लेख

इल्म-ए-नाफ़े (लाभकारी ज्ञान) की निशानियां

एक सवाल ज़हन में पैदा होता है कि इल्म-ए-नाफ़े (फ़ायदा पहुँचाने वाले ज्ञान) की अलामत (निशानी) क्या होती है? जी हाँ, नफ़ा (लाभ) देने वाला इल्म भी होता है। नबी अलैहिस्सलाम ने हमें दुआ सिखाई है: "ऐ अल्लाह! मैं पनाह माँगता हूँ ऐसे इल्म से जो नफ़ा न देता हो।" चुनाँचे इल्म-ए-नाफ़े की दो अलामतें (निशानियाँ)...