एक बुड्ढा 🎅 आया, साथ एक बुढ़िया 🤶 को भी लाया और होटल 🏢 मे...
Ummah Post
15 November, 2024

एक बुड्ढा 🎅 आया, साथ एक बुढ़िया 🤶 को भी लाया और होटल 🏢 में जाकर वेटर को बुलाया। दोनों ने अपना-अपना ऑर्डर मँगवाया। पहले बुड्ढे ने खाया और बुढ़िया ने पंखा झला (हिलाया)। फिर बुढ़िया ने खाया और बुड्ढे ने पंखा झला। यह सब देखकर वेटर शरमाया और बोला: "ओ लैला-मजनू, तुम दोनों में इतना प्यार है तो खाना साथ क्यों नहीं खाया?"

इस पर बुड्ढे ने फरमाया: "तेरा सवाल तो नेक (अच्छा) है पर..."

"हमारे पास दाँतों का सेट सिर्फ एक है...!!!" 😆😆😆😆😆😆😆😆😆😆😆

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'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम
लेख

'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम

"रहमान" शब्द का प्रयोग अल्लाह तआला के अलावा किसी और के लिए करना जायज़ नहीं है, बल्कि हराम है। अगर कोई व्यक्ति किसी इंसान को "रहमान" कहे तो यह शिर्क है, क्योंकि अल्लाह तबारक व तआला के अलावा कोई भी ऐसा नहीं हो सकता जिसकी रहमत (दया) इतनी विशाल हो। इसलिए किसी और को रहमान या अर-रहमान कहना जायज़ नहीं है।...