*पैदाइशी तौर पर इंसान न तो फ़रिश्ता है और न ही शैतान, लेकिन अपने कर्मों की बदौलत फ़रिश्ते से बेहतर भी हो सकता है*
और
*शैतान से बदतर भी.....!!!* 💐
🌹 💐 📩 📤
*_ˡᶦᵏᵉ ᶠᵒˡˡᵒʷ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ_*
*पैदाइशी तौर पर इंसान न तो फ़रिश्ता है और न ही शैतान, लेकिन अपने कर्मों की बदौलत फ़रिश्ते से बेहतर भी हो सकता है*
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