क्या डिजिटल दौर में अध्ययन (مطالعہ/पठन) संभव है?
जी हाँ, सं...
Ummah Post
13 November, 2024

क्या डिजिटल दौर में अध्ययन (مطالعہ/पठन) संभव है?

जी हाँ, संभव ही नहीं बल्कि आसान भी है, बस इंसान सोशल मीडिया के इस्तेमाल की सीमाएं (हदें) तय कर ले, किन प्लेटफ़ॉर्म से फ़ायदा संभव होगा और किन एप्लिकेशन का इस्तेमाल करना चाहिए, इसकी जानकारी हासिल कर ले। अगर टेक्नोलॉजी का स्वस्थ (सकारात्मक) इस्तेमाल पूरे होशो-हवास के साथ, इसके फ़ायदे और नुकसान को सामने रखकर किया जाए, तो किताब पढ़ने (क्यूब बीनी) की बहुत सी राहें आसान हो जाएंगी। ग़रीब और मध्यम वर्ग किताबों के ख़र्चों के नीचे दबने से बच जाएगा। टेक्नोलॉजी की वजह से शैक्षिक स्तर में सुधार हुआ है; एक शोध के अनुसार, 2020 की तुलना में 2022 में लेखकों और साहित्यकारों की संख्या में 32 प्रतिशत का और इज़ाफ़ा हुआ है। यह सच है कि लोग ऑफ़लाइन किताब पढ़ने को ऑनलाइन पर प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ऑनलाइन रीडिंग की वजह से अध्ययन करने वालों के प्रतिशत में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

(किताब: मासिक अल-रशीद लखनऊ, नवंबर।

चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप)

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