"जब तक कहानी अपनी न हो... हर इंसान ही दानिशवर (बुद्धिजीवी) औ...
Ummah Post
13 November, 2024

"जब तक कहानी अपनी न हो... हर इंसान ही दानिशवर (बुद्धिजीवी) और हकीम (दार्शनिक) है...!!!"

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वहदत-ए-दीन न कि वहदत-ए-अदयान (दीन की एकता, न कि धर्मों की एकता)
लेख

वहदत-ए-दीन न कि वहदत-ए-अदयान (दीन की एकता, न कि धर्मों की एकता)

🖋 मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी - शम्अ-ए-फ़रोज़ां 🕯 अल्लाह तआला ने हर चीज़ के लिए एक रास्ता बनाया है, इसी रास्ते से उस चीज़ को हासिल करने में इंसान की भलाई है और इस रास्ते को छोड़ देने में और अपनी तरफ़ से नए रास्ते बनाने में इंसान की बर्बादी है। अल्लाह तआला ने ग़िज़ा (भोजन) को पेट तक पहुँचान...