"इंसान की ज़िन्दगी की सबसे बड़ी सितम-ज़रीफ़ी (विडंबना) यह है...
Ummah Post
12 November, 2024

"इंसान की ज़िन्दगी की सबसे बड़ी सितम-ज़रीफ़ी (विडंबना) यह है कि वह झूठी तारीफ़ सुनकर बर्बाद होना पसंद करता है, लेकिन सच्ची तनक़ीद (आलोचना) सुनकर खुद को संभालना पसंद नहीं करता।" 💯✨

Share this article
कहानी के दो पहलू। 🎭
लेख

कहानी के दो पहलू। 🎭

1956 में अमेरिका में एक समुद्री जहाज़ तेल लेकर जा रहा था। यह जहाज़ अचानक अपने रूट से हटा, समुद्र में मौजूद एक चट्टान से टकराया और पाश-पाश (चकनाचूर) हो गया। हादसे के बाद जहाज़ के कप्तान को गिरफ़्तार कर लिया गया और उससे हादसे की वजह पूछी गई। कप्तान ने बताया कि वह जहाज़ के डेक पर खड़ा था। आसमान बिल्कुल...