"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: ए...
Ummah Post
12 November, 2024

"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: एक तब जब उन्हें मालूम हो कि वे अपना मतलब (स्वार्थ) पूरा कर चुके हैं, और दूसरा तब जब वे जानते हों कि वे अपना मतलब कभी पूरा नहीं कर सकेंगे।" 🎭💯

Share this article
सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख
लेख

सहाबा की शान पर एक अनोखा लेख

लेखक: मुहद्दिस-ए-अस्र अल्लामा सैयद मुहम्मद यूसुफ बनूरी (रहमतुल्लाह अलैह) बात तो बिल्कुल साफ है कि सहाबा (पैगंबर के साथी) जैसे भी हों, मगर वे तुम से तो अच्छे ही होंगे। तुम हवा में उड़ लो, आसमान पर पहुँच जाओ, सौ बार मर कर जी लो, मगर तुम से सहाबी तो नहीं बना जा सकेगा। तुम आखिर वह आँख कहाँ से लाओगे ज...