"रसूलुल्लाह ﷺ________"
हम आपके हुस्न का क्या ज़िक्र करें
अल्लाह खुद आपके हुस्न (सुंदरता) का ज़िक्र करते हैं।
जन्नत आपके हुस्न को याद करती है,
आसमान और ज़मीन आपकी राह तकते हैं।
आपकी ख़ूबसूरती का तज़किरा (ज़िक्र),
अज़ीम किताब क़ुरान मजीद में महफ़ूज़ है...........
*صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّم* (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)
*बेशक, हमने अपनी ज़िन्दगियाँ नबी ﷺ की खातिर बेच (क़ुर्बान कर) दी हैं।*