हज़रत हसन (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत (वर्णन) है कि: "ऐ आदम के बेटे! तू अकेला फौत (मृत्यु को प्राप्त) होगा, तन्हा (अकेला) क़ब्र में दाख़िल होगा, तन्हा क़ब्र से उठाया जाएगा और तेरे आमाल (कर्मों) का हिसाब सिर्फ़ तुझसे लिया जाएगा (न कि किसी और से)। इस राह (यात्रा) के लिए सामान (तैयारी/प्रावधान) इकट्ठा कर ले, क्योंकि यह ऐसी राह है जिसमें कोई इंसान तेरा साथी नहीं होगा।"
— (किताब अज़-ज़ुहद लि-इब्न हम्बल, पेज २७१)