"मेरे घर वाले मुझसे ज़रा भी खुश नहीं होते... 
रात को बोलते...
Ummah Post
11 November, 2024

"मेरे घर वाले मुझसे ज़रा भी खुश नहीं होते...

रात को बोलते हैं: 'सोती क्यों नहीं हो?'

और सुबह के टाइम नींद से उठा कर बोलते हैं: 'उठती क्यों नहीं हो?' 😥😥"

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चालाक अमीर और समझदार किसान की कहानी
लेख

चालाक अमीर और समझदार किसान की कहानी

एक शातिर और चालाक मालदार (अमीर) शख़्स किसी गाँव में एक किसान के पास पहुँचा और उसे पार्टनरशिप (साझेदारी) का ऑफ़र दिया, कि रक़म मेरी होगी और मेहनत तुम्हारी! लेकिन जब फ़सल तैयार हो जाएगी तो जो हिस्सा ज़मीन के अंदर होता है वह तुम्हारा जबकि ऊपर वाला सारा मेरा होगा (यह चालाकी उसने इसलिए की क्योंकि ज़मीन म...