"अपनी आँखों की हिफ़ाज़त यह सोच कर किया करें!  
कि कल बरोज़-...
Ummah Post
11 November, 2024

"अपनी आँखों की हिफ़ाज़त यह सोच कर किया करें!

कि कल बरोज़-ए-महशर (कयामत के दिन) इनसे अपने रब का दीदार करना है।"

*इन शा अल्लाह तआला* ❤️

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दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज
लेख

दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज

एक लोमड़ (सियार) की दुम (पूंछ) पर पत्थर आ गिरा, और दुम कट गई। एक दूसरे लोमड़ ने जब उसे देखा तो पूछा, "यह तुमने अपनी दुम क्यों काटी?" दुम कटा लोमड़ बोला, "इससे बड़ी खुशी और फरहत (आनंद) महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे हवाओं में उड़ रहा हूँ। वाह!! क्या मनोरंजन है!" बस घेर-घार कर (बहला-फुसलाकर) उ...