बीवी: "ये छोटे वाले ग्लास ठीक रहेंगे..."

शौहर: "नहीं, ये...
Ummah Post
11 November, 2024

बीवी: "ये छोटे वाले ग्लास ठीक रहेंगे..."

शौहर: "नहीं, ये बड़े वाले ले लेते हैं, आसानी रहेगी..."

बीवी: "मेरा ख्याल है आजकल छोटे ग्लासों का रिवाज़ (ट्रेन्ड) है, तो मैंने यही लेने हैं..."

दुकानदार: (बात को संभालते हुए...) "भाई जान, आपकी वाइफ सही कह रही हैं। बड़े ग्लास तो पुराने दौर में इस्तेमाल होते थे। छोटे बेहतर हैं..."

शौहर: (ग़ुस्से से दुकानदार को देखते हुए...) "जिस काम का पता न हो, उसमें टांग नहीं फंसाते... छोटे ग्लासों में मेरा हाथ नहीं जाता... इन्हें धोऊँगा कैसे?" 😒🙊

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एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़
लेख

एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़

यह कहानी डॉक्टर मोहम्मद रातिब अल-नाबुलसी की है जो वह अपनी माँ के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि एक दिन जब वह छोटे थे, उनकी माँ ने उनसे पूछा: "क्या तुम शब्द 'हलाल' कह सकते हो बिना अपने होठों को बंद किए?" उन्होंने कोशिश की और कामयाबी के साथ शब्द 'हलाल' कह लिया बिना अपने होठों को बंद किए।...