*✍🏻❞अच्छे अख़्लाक़ (व्यवहार) के हकदार सबसे पहले माँ-बाप हैं। अगर आप माँ-बाप के साथ अच्छे नहीं हैं, तो बाकी जिसके साथ मर्जी नेकियाँ करते फिरें, कोई फ़ायदा नहीं।❝*
लंदन में एक इमाम साहब रहते थे। रोज़ाना घर से मस्जिद जाने के लिए बस पर सवार होकर दूर मस्जिद तक जाना उनका नियम था। लंदन में तय समय और एक ही रूट पर बसों में सफर करते हुए कई बार ऐसा हुआ कि बस भी वही होती थी और बस का ड्राइवर भी वही होता था। एक बार ये इमाम साहब बस पर सवार हुए, ड्राइवर को किराया दिया और बा...