गाजा की मस्जिदों में ज़ायोनी अत्याचारी...
"जिन्होंने शहरों में सरकशी (विद्रोह) की,
और उनमें बहुत फ़साद (उत्पात) मचाया।"
या अल्लाह!
ये वो लोग हैं जिन्होंने ज़मीन में सरकशी अख्तियार की
और ज़मीन में बहुत फ़साद मचाया...
इन पर अपने अज़ाब (दंड) का कोड़ा बरसा,
बेशक तेरा रब पूरी तरह नज़र में रखे हुए (घात में) है!