मुझे लगता है....  
इंसान को अपनी भागती-दौड़ती ज़िंदगी में ए...
Ummah Post
9 November, 2024

मुझे लगता है....

इंसान को अपनी भागती-दौड़ती ज़िंदगी में एक-दो ऐसे लोगों का साथ ज़रूर रखना चाहिए...

जो अचानक उसे सरसरी सा हिला कर पूछ सकें...

"दोस्त...

ईमान के क्या हालात हैं? 💦

नमाज़ों में कोताही (लापरवाही) तो नहीं हो रही?"

और इंसान उन्हें खुल कर बता सके,

"हाँ... हो रही है।" 🥀

और वे

जवाब में थोड़ी सी मोटिवेशन (प्रेरणा) दे दें,

"हिम्मत कर.... जन्नत में साथ नहीं जाना क्या?" 💦

अल्लाह तआला आपको और मुझे ऐसे नेक लोगों का साथ दे। आमीन। ♥️

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इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत
लेख

इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत

इमाम मुज़नी (रह.) फ़रमाते हैं: मैं हज़रत इमाम शाफ़ई रहमतुल्लाही अलैहि के पास उनकी मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) में हाज़िर हुआ और उनसे अर्ज़ किया: "आपने किस हालत में सुबह की है?" फ़रमाया: "आज दुनिया से रुख़सत होने वाला हूँ, दोस्तों को छोड़ने वाला हूँ, मौत का प्याला पीने वाला हूँ, अपने बुरे आमाल (कर्म...