"औरत को जितनी आज़ादी की ज़रूरत थी 'इस्लाम' दे चुका है।.. ♥️...
Ummah Post
9 November, 2024

"औरत को जितनी आज़ादी की ज़रूरत थी 'इस्लाम' दे चुका है।.. ♥️

मज़ीद (और अधिक) उसे जो चाहिए वह आज़ादी नहीं, बे-हयाई (अश्लीलता) है।"

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छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़
लेख

छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़

नबी-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छोटे बच्चों के साथ भी झूठ बोलने से मना फ़रमाया है। चुनांचे, हज़रत अब्दुल्लाह बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) फ़रमाते हैं कि आनहज़रत (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे मकान में तशरीफ़ फ़रमा थे, मेरी वालिदा (माँ) ने (मेरी तरफ़ बंद मुट्ठी बढ़ाकर) कहा: "यहाँ आओ! मैं त...