*उर्दू के वर्णमाला (حروفِ تہجی) की दो किस्में हैं:*

नंबर...
Ummah Post
8 November, 2024

*उर्दू के वर्णमाला (حروفِ تہجی) की दो किस्में हैं:*

नंबर 1:

*नुक्ते (बिंदु) वाले, जैसे:*

श (ش), च (چ), ज (ج), ज़ (ظ), ज़ (ض), क़ (ق), ग़ (غ), थ (ث), त (ت), ब (ب) वगैरह।

नंबर 2:

*बिना नुक्ते वाले, जैसे:*

ह (ح), अ (ع), त (ط), स (س), र (ر), स (ص), व (و), क (ک), ल (ل), म (م), द (د) वगैरह।

*बिना नुक्ते वाले अक्षर मज़बूत और शक्तिशाली माने जाते हैं और नुक्ते वाले कमज़ोर व कम-ताक़त माने जाते हैं।*

*अब आप गौर करें कि:*

ससुराल (سسرال)

ससुर (سسر)

सास (ساس)

साला (سالا)

साली (سالی)

*किसी में भी नुक्ता नहीं है क्योंकि ये तमाम रिश्ते बहुत मज़बूत और ताक़तवर होते हैं।*

*दामाद* (داماد) के किसी अक्षर पर भी नुक्ता नहीं है क्योंकि यह भी शादी के बाद बहुत शक्तिशाली हो जाता है।

आप *दामाद* और *सास* की ताक़त का अंदाज़ा इस बात से लगाएं कि इन्हें जिधर से भी पढ़ेंगे, ये *दामाद* और *सास* ही रहेंगे!

यानी दोनों का सीधा तो सीधा है ही, मगर दोनों का उल्टा भी सीधा होता है!

😂

*इसलिए इन पांच स्तंभों (अरकान-ए-ख़म्सा) का विशेष ख़याल रखें!*

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