*♦️ ज्ञान में कंजूसी (बुख्ल) न कर ♦️*

*★_ जो ज्ञान (इल्म)...
Ummah Post
6 November, 2024

*♦️ ज्ञान में कंजूसी (बुख्ल) न कर ♦️*

*★_ जो ज्ञान (इल्म) के मामले में कंजूसी से काम लेता है, वह तीन में से किसी एक स्थिति में मुब्तिला (ग्रस्त) होगा:-*

*1. या तो वह अपना ज्ञान भूल जाएगा,*

*2. या वह मर जाएगा और उसके ज्ञान से कोई फायदा नहीं उठा पाएगा,*

*3. या फिर उसकी किताबें ही ज़ाया (नष्ट) हो जाएंगी!*

~( सुफ़ियान थौरीؒ, अल-मजमूअ शरह अल-मुहज्ज़ब, 1: 71)

_ इसलिए ज्ञान खूब सीखो, खूब सिखाओ और ज्ञान सीखने का ज़रिया बनो।_

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हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार
लेख

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के दरबार (अदालत) में एक बाप ने अपने बेटे पर दावा (मुक़दमा) किया कि यह मेरे हुक़ूक़ (अधिकार) अदा नहीं करता! हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने लड़के से दरयाफ़्त (पूछताछ) किया, तो उसने कहा, "ऐ अमीरुल मोमिनीन! क्या बाप ही का सारा हक़ औलाद पर है या औलाद का भी बाप पर कुछ हक़ ह...